प्रशांत रायचौधरी
संगीत के मामले में कितना समृद्ध है इंदौर। एक प्रोग्राम देखो तो लगता है बहुत दिनों तक इससे अच्छा प्रोग्राम देखने को नहीं मिलेगा लेकिन जल्दी ही भ्रम टूट जाता है और आप पाते हैं कि एक और बेहतरीन * प्रोग्राम के आप साक्षी बने हैं।*
ऐसा ही शनिवार शाम को हुआ जब जाल सभागृह में महान गायक मुकेश को समर्पित कार्यक्रम में सभी सिंगर्स ने शानदार प्रस्तुतियां दी और एक भी गाना ऐसा नहीं था जिसमें तालियां न बजीं हो।

अभी तक मैं मधु मुकेश को ही मुकेश के समकक्ष मानता था लेकिन अजय सराफ ने मेरी धारणा को बदल दिया क्योंकि उनको सुनना बहुत अच्छा लगा। मूलत: उज्जैन के और अब इंदौर में रहने वाले अजय सराफ ने बढ़िया रेंज में सभी गाने गाए। धुन धीमी हो या तेज या फिर अलग-अलग मूड वाली हो सभी गीतों को उन्होंने अच्छे से निभाया। सबसे पहले उन्होंने कालजई गाना ये मेरा दीवानापन है गाया और हॉल को गुंजायमान कर दिया। उन्होंने झूमती चली हवा गाकर भी दाद बटोरी।

डुएट में फीमेल सिंगर्स ने अजय सराफ का भरपूर साथ दिया। उन्होंने पूरबी के साथ _एक मंजिल राही* दो फिर प्यार ना कैसे हो, माधवी वैद्य के साथ *जे हम तुम चोरी से_, और महबूब मेरे *ख्यातिके साथ *मैं ना भूलूंगा, *संध्या गरवाल के साथ किसी राह में किसी मोड़ पर, गाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया।

अजय सराफ ही नहीं पुराने गानों की जो महक है उसकी खुशबू आकाशवाणी कलाकार संध्या गरवाल और माधवी वैद्य के सुरीले स्वरों में थी। उज्जैन की संध्या गरवाल ने चंदन सा बदन चंचल चितवन , जाऊं कहां बता ए दिल,आ आ आ भी जा रात ढलने लगी, कार्यक्रम के संयोजक राम मोहन तिवारी के साथ *ओ मेरे सनम ओ मेरे सनम* और चले जाना जरा ठहरो बखूबी गाया। चले जाना गाने में उन्होंने बॉलीवुड सिंगर शारदा को अच्छे से निभाया।
माधवी वैद्य ने भी बहुत तालियां बटोरी। खासकर उन्होंने राम मोहन तिवारी के साथ खयालों में किसी के साथ आया नहीं करते में गीता दत्त को खूब अच्छे से निभाया। कहीं दूर जब दिन ढल जाए, *भूली हुई यादों मुझे इतना न सताओ खूब अच्छे से गाया। राम मोहन तिवारी के साथ कार्यक्रम के उत्तरार्ध में उन्होंने *मुस्कुरा के हमको लूटा  गाया।*  पूरबी ने आंसू भरी है ये जीवन की राहें और ख्याति ने दिल तो है दिलगाना गाकर उज्जवल भविष्य का एहसास कराया।राममोहन तिवारी ने माधवी वैद्य के साथ मुस्कुराके हमको लूटा आपनेख्याति के साथ ले चल,ले चल मेरे जीवन साथी बखूबी गाकर खूब तालियां बटोरीं।

किशोर संस्कृति मंच के इस मुकेश: साज और आवाज कार्यक्रम में शिवानी सराफ का आत्मीय संचालन सराहनीय रहा। श्रोताओं के लिए फिल्म प्रश्नोत्तरी और उपहार एक अच्छा प्रयास है। संयोजक राम मोहन तिवारी जी ना केवल एक अच्छे सिंगर है बल्कि एक अच्छे आयोजक है यह इस कार्यक्रम से मालूम पड़ा। कार्यक्रम में हेमेंद्र महावर, विजय राठौर, इंगित भावसार, लोकेश उपाध्याय और सचिन परमार की संगीत टीम की भी खूब प्रशंसा हुई ।( *समीक्षक दैनिक भास्कर के *पूर्व न्यूज़ एडिटर और सदाबहार म्यूजिक एंड स्पोर्ट्स क्लब के अलावा सदाबहार सिंगर्स फैमिली ऑनलाइन सिंगिंग ग्रुप के प्रमुख हैं।)*

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